
*अतिरिक्त कलेक्टर की अध्यक्षता में समय-सीमा बैठक संपन्न, विभागीय योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा समयबद्ध कार्यों पर जोरः लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के लिए अधिकारियों को दिए निर्देश*
संवाददाता धनंजय जोशी
जिला पांढुरना मध्य प्रदेश
पांढुरना – कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में आज दिनांक 01 अप्रैल 2026 को अतिरिक्त कलेक्टर श्री नीलमणि अग्निहोत्री की अध्यक्षता में समय-सीमा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में संयुक्त कलेक्टर सुश्री नेहा सोनी, डिप्टी कलेक्टर श्री प्रियंक मिश्रा, जनपद पंचायत सीईओ श्रीमती बंदू सूर्यवंशी, मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री राजकुमार ईवनाती सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य विभागीय योजनाओं एवं कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए लंबित प्रकरणों के निराकरण तथा शासन की प्राथमिकताओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना रहा।

बैठक के दौरान अतिरिक्त कलेक्टर श्री अग्निहोत्री ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने कार्यालयों में पदस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों की अद्यतन जानकारी सॉफ्ट एवं हार्ड कॉपी दोनों माध्यमों में शीघ्र उपलब्ध कराएं, ताकि प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं सुव्यवस्थित बनाया जा सके। इसके साथ ही विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।
औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, पांढुर्णा के अंतर्गत संचालित मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए संस्थान के प्राचार्य श्री ज्ञानदेव तलमले को निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि योजना के माध्यम से अधिक से अधिक युवाओं को लाभान्वित किया जाए तथा प्रशिक्षण और रोजगार के अवसरों को प्रभावी रूप से जोड़ा जाए।
कृषि विकास विभाग को उर्वरकों के अत्यधिक एवं असंतुलित उपयोग पर नियंत्रण रखने तथा किसानों को संतुलित पोषक तत्वों के उपयोग के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए। वहीं प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के अंतर्गत असंगठित श्रमिकों के पंजीयन की स्थिति संतोषजनक नहीं पाए जाने पर संबंधित श्रम अधिकारी को पंजीयन अभियान में तेजी लाने तथा अधिक से अधिक श्रमिकों को योजना से जोड़ने के निर्देश दिए गए।
महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा के दौरान संबंधित अधिकारी श्रीमती उषा पंद्रे को आंगनबाड़ी केंद्रों में 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को नियमित रूप से नाश्ता एवं गर्म पका हुआ भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए, ताकि बच्चों के पोषण स्तर एवं सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित किया जा सके।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के अंतर्गत खंड चिकित्सा अधिकारी, पांढुर्णा को ग्राम मारुड़ स्थित नवीन अस्पताल में पेयजल एवं विद्युत व्यवस्था शीघ्र सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही ग्राम रायबासा निवासी अनीता धुर्वे को ऑपरेशन के लिए विकलांग सहायता राशि प्रदान किए जाने के प्रकरण में आवश्यक कार्यवाही शीघ्र पूर्ण करने को कहा गया।
जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी श्रीमती रीता मार्सकोले को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना 3.0 के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों से ई-केवाईसी फॉर्म प्राप्त कर उन्हें शीघ्र एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के उपयंत्री श्री सुभाष गाडगे से प्रधानमंत्री जल जीवन मिशन के अंतर्गत प्रगति की जानकारी प्राप्त कर पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय में पेयजल व्यवस्था शीघ्र सुनिश्चित करने को कहा गया।
नगर पालिका क्षेत्र के अंतर्गत मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री राजकुमार ईवनाती से नीलकंठ शमशान घाट की व्यवस्थाओं एवं विद्युत प्रबंधन की स्थिति की जानकारी लेकर आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। साथ ही पेयजल संकट के त्वरित समाधान के लिए हैंडपंपों का नियमित क्लोरीनेशन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा पूर्ण कार्यों को समय-सीमा पोर्टल पर समय पर अद्यतन करने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त जल संचयन अभियान एवं संकल्प से समाधान अभियान की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों से प्रगति की जानकारी ली गई और निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए सक्रियता बढ़ाने पर बल दिया गया।
बैठक में सीएम हेल्पलाइन के लंबित प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश सभी विभागों को दिए गए। साथ ही IGOT पोर्टल के अंतर्गत प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी को न्यूनतम 10 कोर्स अनिवार्य रूप से पूर्ण करने के निर्देश देते हुए कहा गया कि क्षमता निर्माण के माध्यम से प्रशासनिक दक्षता में वृद्धि सुनिश्चित की जाए।
बैठक के अंत में अतिरिक्त कलेक्टर श्री अग्निहोत्री ने सभी अधिकारियों को शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप कार्य करते हुए समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण परिणाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।